computer administration kya hai

Computer Administration क्या है System Administration क्या है?

आप सब लोग computer का इस्तेमाल तो करते ही होंगे | आइये तो हम जानते है Computer Administration क्या है यह एक तरह का कण्ट्रोल पेंनल है जो की computer के function को कण्ट्रोल करता है तथा इसे manually भी कॉन्फ़िगर किया जाता है |

Computer Administration क्या है ?

computer administration kya hai

computer सिस्टम को कॉन्फ़िगर करने के लिए कण्ट्रोल पन्नेल एक मुख्य टूल है | सिस्टम को कॉन्फ़िगर करने के लिए अधिकतर tools सामान्य window इंस्टालेशन के साथ आते है System Administration क्या है जब की कुछ tools अन्य software अथवा hardware इंस्टालेशन के साथ कण्ट्रोल पेनल में पाए जाते है |
window 10 में setting app कण्ट्रोल पेनल का ही एक तरह का विकल्प होता है लेकिन विंडोज 10 में कण्ट्रोल पेनल को पूर्ण रूप से हटाया गया नहीं है |

दोनों को रखा गया है ताकि कांफिगुरेसन में कुछ बदलाव हो तो पारंपरिक कण्ट्रोल पैनल खोल कर वह किया जा सके |
सेटिंग्स app को open करने के लिए start button को सेलेक्ट करे और सेटिंग्स पर click करे और सेटिंग्स पर click करे | अब निचे दी गई window दिखाई देगी |

सेटिंग्स मेनू में कई कांफिग्रेसन option होते है जो की निम्न है

  1. सिस्टम: इसमें डिस्प्ले, नोटिफिकेशन, apps और पॉवर option होते है |
  2. device: इसमें ब्लूटूथ, प्रिंटर्स और माउस key board आदि की सेटिंग्स होती है |
  3. नेटवर्क और इन्टरनेट: इसमें WI-FI को मैनेज करना, एयरप्लेन मोड़ और वर्चुल प्राइवेट नेटवर्क आदि होते है
  4. पर्सनेलाइजेशन: इसमें बैकग्राउंड image और color को बदल सकते है |
  5. एकाउंट्स: PC पर user अकाउंट की सेटिंग करने हेतु इसका use करते है |
  6. टाइम और लैंग्वेज: इसमें क्षेत्रीय, स्पीच और टाइम सेटिंग कॉन्फ़िगर करने के option होते है |
  7. ईज ऑफ़ एक्सेस: जो देख और नहीं सकते है उनके लिए इसमें tools होते है |
  8. प्राइवेसी: आपका computer आपके बारे में क्या जानता है इसे कण्ट्रोल करने के लिए इसे प्रयोग किया जाता है |
  9. अपडेट और सिक्यूरिटी: इसमें backup, रिस्टोर व update विंडोज होते है |

कण्ट्रोल पेनल को start menu अथवा टास्क बार से PIN किया जा सकता है इसके लिए start menu के अंतग्रत आल app में कण्ट्रोल पेनल पर राईट click कर किया जा सकता है |

कण्ट्रोल पेनल में कई कांफिग्रेसन option होते है जो निम्न:

  1. सिस्टम और सिक्यूरिटी: इसमें फायरवाल को मैनेज करने, एनक्रिप्शन, storage इत्यादी कई option होते है |
  2. यूजर अकाउंट: यूजर के लिए सिस्टम access परमिशन को बदलने के लिए इसका इस्तेमाल होता है |
  3. नेटवर्क और इन्टरनेट: इसके द्वारा लोकल नेटवर्क, इन्टरनेट एवं शेयरिंग option को बदला जा सकता है |
  4. अपीयरेंस एवं पर्सनलाइजेसन: इसके द्वारा screen रेजुलेसन व font को ठीक किया जा सकता है |
  5. hardware एवं sound: device मेनेजर और सिस्टम sound मेनू इसमें उपलब्ध रहते है |
  6. क्लॉक, लैंग्वेज एवं रीजन: इसके द्वारा एक दूसरी भाषा या इनपुट का तरीका जोड़ा जा सकता है |
  7. प्रोग्राम्स: इसके द्वारा डेस्कटॉप प्रोग्राम एवं default फाइल हैंडलर मैनेज किये जा सकते है |
  8. ईज ऑफ़ एक्सेस: इसके अन्दर विसिब्लिटी, audio option एवं टूल tips ठीक किये जा सकते है |

Control Panel पर कार्य करना

आगे दिए पेज पर एप्लेट माइक्रोसॉफ्ट window कण्ट्रोल पैनल के component है | जिनके द्वारा user computer की कई सेटिंग्स को डिफाइन करना, moniter device, नये hardware प्रोग्राम और नेटवर्क कनेक्शन को setup करना इत्यादि किये जा सकते है |

सिस्टम और सिक्यूरिटी:

सिक्यूरिटी और मेंटेनेंस:-

यह user को पहले से install window सिक्यूरिटी component और साथ ही पहले स्थित एंटीवायरस जैसे की मैक-एफ़ी अथवा quick-heel को access करवाता है | इसमें window update सेटिंग्स भी शामिल रहती है जहाँ user यह स्पेसिफाई कर सकता है | की computer नियमित अन्तराल पर window के update चेक कर सकते है या नहीं तथा इन्टरनेट सिक्यूरिटी सेटिंग्स को मैनेज करने के विकल्प भी होते है इसमें computer सिक्यूरिटी से जुड़े आर्टिकल्स और नवीनतम वायरस के लिंक भी होते है जो की computer की सिक्यूरिटी से कोई छेड़ छाड़ होने पर user को आगाह कर देते है |

सिस्टम

इसका प्रयोग कोर सिस्टम सेटिंग को देखने और बदलने के लिए किए जाता है | उदाहरण के तौर पर एक user निम्न कर सकता है

  1. यूजर मशीन पर सामान्य इनफार्मेशन जैसे की रेम, cpu की स्पीड और type, window का वर्जन और निर्माता आदि का इनफार्मेशन डिस्प्ले करता है |
  2. नेटवर्क वर्कग्रुप में जाकर computer नाम को एडिट कर सकते है |
  3. hardware device को मैनेज और कॉन्फ़िगर करना और इनफार्मेशन को देखना जैसे की मेन्युफेक्चर, user access और device मेनेजर की मदद से सिस्टम पर इंस्टाल hardware का ड्राईवर वर्जन जानना इत्यादि |
  4. सिस्टम फीचर को इनेबल अथवा डिसएबल करना जैसे की automatic update और सिस्टम रिस्टोर को moniter करना आदि |
  5. अतिरिक्त फीचर बताना जैसे की फरफोर्मेंस, वेर्चुअल memory सेटिंग और रोमिंग प्रोफाइल्स आदि |

Network और Internet

इसके माध्यम से नेटवर्क कनेक्शन देखे जा सकते है एवं user नेटवर्क कनेक्शन को एडिट कर सकता है या नया कनेक्शन भी बना सकता है जैसे लोकल area नेटवर्क और इन्टरनेट कनेक्शन | computer को नेटवर्क से पुन: जोड़ने के लिए इसमें ट्रबलशूटिंग function भी उपलब्ध होते है |

प्रोग्राम

इस सेक्शन से user कई तरीको से सिस्टम पर install software को uninstall या रिपेयर कर सकता है

  1. user को software पैकेज uninstall करने या मोजुदा software पैकेज को बदलने में मदद करता है एवं साथ ही हरेक प्रोग्राम कितनी memory use करेगा तथा कितनी अधिक बार इस्तेमाल होगा यह भी प्रदर्शित करता है |
  2. user को c.d. ROM या फ्लोपी डिस्क से software install करने एवं विंडोज update के माध्यम से Add-ons install करने में मदद करता है |
  3. window setup विज़ार्ड के द्वारा window के कौन से component install किये गए है उन्हें बदलने में मदद करता है जिसमे इन्टरनेट एक्स्प्लोरर, विंडोज media प्लेयर और विंडोज मेसेंजर आदि हो सकते है |

User Accounts

यदि user को परमिशन हो, तो इसके द्वारा user खुद को अकाउंट को और सिस्टम में स्थित अन्य अकाउंट को कॉन्फ़िगर कर सकते है | इसके द्वारा यूजर – नेम, पासवर्ड और प्रोफाइल picture को बदला जा सकता है | यदि करंट यूजर का एडमिनिस्ट्रेटर अकाउंट हो तो नए अकाउंट को जोड़ सकता है, डिलीट और मॉडिफाइड करने के साथ-साथ कोर सिस्टम सेटिंग्स में भी कर सकते है इस पेनल के द्वारा यह भी computer को बताया जा सकता है की गेस्ट अकाउंट को एक्टिव रखना है या नही तथा window ऑपरेटिंग सिस्टम चालू होने पर कौन सी वेलकम screen का प्रयोग किया जाना है |

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