Computer क्या है? Computer के फायदे और नुकसान?

आइये तो हम जानते है Computer क्या है? computer हमारी ज़िन्दगी का अहम हिस्सा है इसके बिना न ही हमारा दैनिक कार्य निकलता है और न ही हमारा व्यापारिक कार्य .

आज में आपके साथ computer से जुडी सारी जानकारी साझा करूँगा की किस तरह computer काम करता है और ये किस तरह हमारे लिए उपयोगी है आज जो में आपको computer के बारे में बताने जा रहा हु शायद आप लोगो में से बहुत से लोगो को computer के बारे में बेसिक जानकारी होगी पर में आज आपको computer से जुडी सारी जानकारी बताऊंगा.

Computer क्या है?

computer एक मशीन है जोकि हर इन्सान के जीवन के लगभग सभी क्षेत्रो में इस्तेमाल किया जा रहा है वेब प्रोद्योगिकी, इन्टरनेट और मोबाइल फ़ोन की क्रांति ने ज्ञान के नए आयाम स्थापित किये है और एक नयी विचार प्रक्रिया को जीवन दिया है computer पर सतत अनुसंधान एवं विकास की गति के साथ हम यह कह सकते है की यह हमे जीवन में नए नए अनुभवों से अवगत करवाता रहेगा.

पर्सनल computer गणना, डिज़ाइन और प्रकाशन प्रयोजनो के लिए छात्रों, इंजिनियर, रचनात्मक लेखको द्वारा इस्तेमाल किया जाता है | computer ने सिखने की प्रक्रिया को भी बढ़ाया है विद्यार्थी कक्षा में ही नहीं बल्कि जब वह यात्रा कर रहा है, या पीसी (personal computer) के साथ घर बैठ कर भी पढ़ सकते है| इन्टरनेट प्रोद्योगिकी से हर व्यक्ति के दरवाजे पर सभी जानकारी लाना संभव हुआ है लोग अब पूछताछ, बैंकिंग, शौपिंग और कई और अधिक अनुप्रयोगों के लिए computer का उपयोग कर रहे है अब हम सुचना सुपर हाईवे के एक युग से गुजर रहे है जहा सभी प्रकार की जानकारी सिर्फ computer का एक बटन पर click करके उपलब्ध की जा सकती है |

Computer की पीढ़िया (जनरेशन)

हम computer पीढियों को पांच मुख्य अवधियो में विभाजित कर सकते है हर पीढ़ी के computer को उनके द्वारा उपयोग में ली जाने वाली तकनीक के आधार पर परिभाषित किया गया है | समय के गुजरने के साथ -साथ नए प्रोद्योगिकी नवाचारो ने जगह ली है और हर बडती पीढ़ी के साथ computer की दक्षता में वृद्धि हुई है तथा प्रसंस्करण की लागत में कमी आई है

प्रथम पीढ़ी (1942-1956)

पहली पीढ़ी के computer में मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक के रूप में ववैक्यूम ट्यूबो एवं डेटा भण्डारण के लिए चुम्बकीय ड्रम का इस्तेमाल किया गया | उनका आकार काफी बड़ा था यह तक की उन्हें रखने के लिए एक पूर्ण कक्ष की आवश्यक्ता होती थी | वे बहुत महंगे, थे गर्मी का उत्सर्जन अत्यधिक था, जिसकी वजह से उन्हें ठंडा करना बहुत आवश्यक होता था और साथ ही उनका रखरखाव भी बहुत कठिन था | पहली पीढ़ी के computer को ऑपरेट करने के लिए मशीन भाषा का इस्तेंमल इसकी प्रोग्रामिंग भाषा के रूप में किया जाता था | पहली पीढ़ी के computer को इनपुट पंच्ड कार्ड और कागज़ टैप द्वारा दिया जाता था | पहली पीढ़ी के computer एक समय में एक ही समस्या को हल करने में सक्षम थे |

दूसरी पीढ़ी (1956 – 1965)

दूसरी पीढ़ी के computer में इलेक्ट्रॉनिक घटक के रूप में ट्रांसिटर का इस्तेमाल किया गया था | ट्रांसिटर कुशल, तेज, कम बिजली की खपत और पहली पीढ़ी के computer की तुलना में अधिक सस्ते और विस्वसनीय थे | हालांकि , वे अत्यधिक गर्मी का उत्पादन किया करते थे , लेकिन और अधिक विश्वशनीय भी थे, इस पीढ़ी में चुम्बकीय कोर प्राइमरी memory और चुम्बकीय टैप एवं चुम्बकीय डिस्क सेकेंडरी भण्डारण (storage) उपकरणों के रूप में इस्तेमाल किया गया था | कोबोल और फोर्टोरोँ के रूप में उच्च स्तरीय computer प्रोग्रामिंग भाषाए इस पीढ़ी में शुरू की गयी थी |

तीसरी पीढ़ी (1965 – 1975)

तीसरी पीढ़ी के computer में ट्रांसिटर के स्थान पर Integrated circuit (IC) का इस्तेमाल किया गया था | एक एकल IC ट्रांसिटर, प्रतिरोधी और कैपसिटर की एक बड़ी संख्या को एक साथ संगठित कर के रख सकता है जिसके कारण computer के आकार को और अधिक छोटा बनाया जा सकता था | इस पीढ़ी के computer द्वारा इनपुट / आउटपुट के लिए keyboard और moniter का इस्तेमाल किया गया था |
oprating system की अवधारणा को भी इसी समय पेश किया गया था इस पीढ़ी में, समय साझा और बहु प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (मल्टी प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम) की अवधारणा को पेश किया गया था कई नई उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओ की शुरुआत इस पीढ़ी में हुई जैसे – फोर्टोरों , IV, पास्कल, बेसिक इत्यादि |

चतुर्थ पीढ़ी (1975 – 1988)

इस पीढ़ी में माइक्रोप्रोसेसर की शुरुआत हुई जिनमे हजारो आईसी एक एकल चिप एक सिलिकान चिप पर निर्मित की जा सकती थी .
इस पीढ़ी के computer बहुत बड़े पैमाने पर एकीकृत circuit (विएलएसआई) तकनीक का इस्तेमाल किया करते थे वर्ष 1971 में इंटेल 4004 चिप विकसित किया गया था, इसमें एक एकल चिप पर एक computer के सभी घटक स्थित होते थे

पंचम पीढ़ी (1988 से अब तक)

पांचवी पीढ़ी के रूप में , एक नई तकनीक उभर कर आई जिसे ULSI (Ultra Large Scale Integration) कहा जाता है, जिसके अंतग्रत मिक्रोप्रोसैसर चिप में 10 लाख तक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक शामिल किया जा सकता था इस पीढ़ी में कृत्रिम बुद्धि (Artificial Intelligence) की अवधारणा, voice recognition, मोबाइल संचार, सैटेलाई संचार, सिग्नल डाटा प्रोसेसिंग को आरंभ किया गया | उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओ जैसे JAVA, VB और NET की शुरुआत इस पीढ़ी में हुई |

computer मशीनों के विकास के क्षेत्र में प्रगति के कारण computer व्यापक व उपयोगी हो गया है और हमारे जीवन के सभी क्षेत्रो में इस्तेमाल किया जा रहा है | नियमित रूप से चल रहे अनुसंधान और विकास के साथ यह निश्चित है की हम समय गुजरने के साथ में नए नए नवाचारो के अनुभव करते रहेंगे.

Computer का इतिहास ?

computer का इस्तेमाल करते हुए हम सभी के दिमाग में यही आता है की आखिर computer किसने बनाया होगा और कौन इसका जनक होगा? आइये तो हम जानते है computer को एक गणित के प्रोफ़ेसर Charles Babbage के द्वारा बनाया गया था Charles Babbage के द्वारा एक नई मशीन विकसित की गयी जो की विभेदक समीकरणों को करने में सक्षम थी और उसे Difference Engine का नाम दिया गया | यह मशीन भाप के द्वारा संचालित की गयी थी, जो आकार में काफी बड़ी थी प्रोग्राम को store करने में तथा गणना करने के साथ ही परिणाम को मुद्रित करने में सक्षम थी 10 वर्षो तक Difference Engine पर काम करने के बाद, Babbage पहले सामान्य प्रयोजन computer पर काम करने के लिए प्रेरित हुए और उस मशीन को Analytic Engine का नाम दिया गया | Babbage के सहायक अगस्ता एडीए किंग ने मशीन के डिजाईन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी | इनके काम पर America के रक्षा विभाग ने 1980 में उनके सम्मान में एक नयी प्रोग्रामिंग भाषा ADA का नाम दिया था |

Computer की परिभाषा

Computer एक इलेक्ट्रॉनिक device है | कंप्यूटर ऐसे उपकरणों से बने होते है, जो डाटा को इनपुट करते है, प्रोसेस करते है एवं store करते है और Desired Format में परिणाम देते है डेटा का मतलब रॉ फैक्ट्स एंड फिगर्स है | डेटा एक input device के माध्यम से, जैसे की कीबोर्ड, के माध्यम से computer में इनपुट किया जाता है और computer की memory में संगृहीत किया जाता है | इसके बाद यह दिए गए निर्देशों के सेट के अनुसार कार्य करता है computer परिणाम को आउटपुट device के माध्यम से, जैसे की moniter प्रदर्शित करता है | computer डेटा process करता है और जानकारी का उत्पादन करता है computer केवल विधुत संकेतो जैसे की बंद और चालु, को ही समझ सकते है जहाँ चालू का मतलब circuit ON है एवं बंद का मतलब circuit OFF है

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