gps kya hai

GPS क्या है? और Full Form क्या है? in हिंदी 2020

क्या आप जानना चाहते है GPS क्या है? तो आप सही जगह है क्यूंकि में आपके साथ जीपीएस सम्बंधित पूरी जानकारी यहाँ पर प्राप्त हो जाएगी. जिससे आपको कही और जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी. आपको शायद ये पता नहीं होगा की पुराने जमाने में हमारे पूर्वज आसमान में तारो को देख कर ज्ञात कर लेते थे की अभी वो कहा पर खड़े है और अब उन्हें कौनसी दिशा में जाना है पहले के नाविक जो नाव चलाते थे वो ऐसे ही आसमान में देख कर अपना location का पता लगा देते थे और उससे ही वो अपनी नाव को आगे बढाते थे और अपने लक्ष्य तक पहुच जाते थे

लेकिन अब वक़्त बहुत बदल चूका है और technology बहुत आगे बड गयी है पहले जैसे लोग आसमान में तारो को देख कर अपनी location पता लगाते थे पर आज के वक़्त में हर जगह उसी प्रकार जीपीएस का इस्तेमाल होता है जीपीएस एक ऐसा सिस्टम है जिसकी मदद से हम कही भी जा सकते है अगर हमे किसी जगह का रास्ता भी पता न हो तब भी हम उस जगह पर बहुत ही आसानी से पहुच सकते है पहले आसमान के तारो का इस्तेमाल करते थे स्थान का पता लगाने के लिए अब उसी प्रकार satelite या उपग्रह का उपयोग करते है

satelite ब्रह्मंड में ही स्थित होते है जो की पृथ्वी के चारो और चक्कर लगाते है और हमे वही से satelite के द्वारा अपनी दिशा और स्थान का निर्देश भेजते है और हमे पता चलता है हम किस स्थान पर अभी खड़े है और हमें जहा तक पहुचना है उसका रास्ता कहाँ से जाता है.

GPS क्या होता है GPS इन Hindi

gps kya hai
GPS System

GPS एक ऐसा System है जो की अंतरिक्ष पर आधारित नेविगेशन system है जो हमे कैसा भी मौसम हो भले ही बारिश हो ये हमे अपने स्थान की जानकारी देता है और साथ में ही हमे हमारे Destination तक पहुचने में मदद करता है हम दुनिया के किसी भी स्थान पर स्तिथ हो ये हमे हमारे स्थान तक पहुचने में मदद करता है और साथ ही उस स्थान की दुरी भी हमे बताता है

जीपीएस सर्वप्रथम USA के अन्दर US Department of Defense द्वारा 1973 में launch हुआ था और ये उस वक़्त सिर्फ USA की डिफेन्स के द्वारा ही इस्तेमाल किया जाता था USA की आर्मी और एयरफोर्स ही इसका इस्तेमाल कर सकती थी इसका official नाम है NAVSTAR GPS इसका पूरा नाम है NAVIGATION SATELITE TIMING AND RANGING SYSTEM . इस project का पहेला satelite 1978 में launch हुआ था

बाद में सन 1980 में इस system को आम लोगो के लिए launch कर लिया गया था पर साथ ही आम लोगो के लिए बहुत सी limitation भी थी पर सन 2000 में इसको पूरी तरह फ्री कर दिया गया था limitation से आम लोगो के लिए . जीपीएस की सबसे ख़ास बात ये है की ये किसी भी मौसम में काम करता है वो भी 24×365 . और साथ ही इसका इस्तेमाल करना बिल्कुल मुफ्त है इसके लिए कोई fee Subscription fee नहीं देनी पड़ती है

जीपीएस परिभाषा

जीपीएस एक ऐसा सिस्टम है जो की तीन segment से बना होता है

  1. Space segment (GPS satellites)
  2. Control segment (Ground control stations)
  3. User segment (GPS receivers)

ये तीनो segment ही हमें हमारे स्थान की जानकारी देते हो और आसान करते है हमे अपने destination तक पहुचने में satelite एक तरह से तारो की तरह काम करता है और अंतरिक्ष के चारो और चक्कर लगता है वही ground station एक तरह से राडार की तरह कार्य करता है जो की हमे अपना location बताता है और receivers एक तरह से होता है जैसे हम किसी चीज़ की recieve करते है वेसे ही receiver satelite के द्वारा भेजे गए signals को रिसीव करता है

और receiver ही calculate करता है की एक स्थान की दुसरे स्थान से कितनी दुरी पर है और ये 4 satelite मिलकर अच्छे से पूर्ण रूप से पता लगा देता है हमारा रियल स्थान और distance.

GPS फुल फॉर्म

GPS = GLOBAL POSITIONING SYSTEM

GPS की History

जीपीएस को सबसे पहले अमेरिका में इस्तेमाल किया गया जो की अमेरिका की गवर्नमेंट और वहां की आर्मी के द्वारा. इसे AMERICAN NAVIGATION SYSTEM और जिसे NAVSTAR के द्वारा जाना जाता है जीपीएस को अन्य नाम के द्वारा भी जाना जाता है ये नाम देख कर कभी confuse न होए ये नाम है GNSS,GLONASS या GPS Receiver भी कहा जाता है

सन 1957 में Soviet Union ने किया. सन 1960 में US Navy ने Submarines में satelite navigation के लिए सर्वप्रथम इस्तेमाल किया. उसके बाद ही Transit System की खोज हुई

सन 1980 तक जीपीएस सिर्फ AMERICAN DEFENSE और वहां की Governmental काम में जीपीएस का उपयोग होता था 1980 के बाद में ये आम लोगो के लिए भी दे दिया गया ताकि आम लोग भी उपयोग कर सके किन्तु इसके साथ ही आम लोगो के लिए इसके उपयोग से लेके बहुत सी limitation भी थी पर सन 2000 से ही ये पूरी तरह आम लोगो के लिए जीपीएस को फ्री कर दिया गया ताकि आम लोग भी इसका उपयोग कर पूरा फायदा उठा सके

जीपीएस का Structure क्या है?

आइये तो हम जानते है जीपीएस का structure कैसा है और ये किस तरह का है इसके बारे में पूरी जानकारी लेते है

GPS की Structure तीन तरह की होती है

GPS में प्रमुख तीन तरह की segment होती है वो ये है –

1. Space segment (GPS satellites) –

बहुत से GPS satelite को तैनात किया जाता है लगभग इसमें six orbits धरती के चारो तरफ altitude 20,000 km में चक्कर लगते रहेते है, satelite को पृथ्वी के चारो और एक पूरा चक्कर लगाने में 12 घंटे लगते है और इसके अन्तराल 24 घंटे में satelite पृथ्वी के चारो और 2 चक्कर लगाती है

2. Control segment (Ground control stations) –

control segment आप इसके नाम द्वारा ही जान चुके होंगे ये Control करता है satelite पर ताकि वो अच्छे से और सही समय पर अपनी परिक्रमा पूरी कर सके और साथ ही monitoring और maintaining भी करता है ताकि satelite का GPS timing हमेशा सही रहे और उसका result सही आये हमेशा.

3. User segment (GPS receivers) –

User segment इसका काम होता है की satelite जो भी signals भेजता है ये उससे recieve करता है और हम तक result भेजता है इसलिए इसको GPS receivers भी कहा जाता है .

American GPS

AMERICA ने ही जीपीएस की खोज की थी और सबसे पहेले इसका उपयोग भी किया था अमेरिका ने आज तक 72 satelite launch की है जिसमे से कुछ अभी काम कर रही है और कुछ विफल हो गयी. लगभग 72 satelite में से 33 satelite अभी भी काम कर रही है जिससे हमे जीपीएस पूरी तरह से जानकारी दे रहा है और ये एक दिन में earth के चारो और 2 चक्कर लगाते है ये एक America का प्रोग्राम है जो की बहुत ज्यादा popular है इसका हर व्यक्ति उपयोग करता है अपना स्थान और दुरी जानने के लिए .

Uses of जीपीएस In हिंदी

1. location –

location का मतलब आप जानते ही होंगे आपका location जहा आप स्थित होते है उसी को location कहते है किसी भी जगह की position बताना ही एक तरह से location कहलाता है

2. Navigation –

Navigation का मतलब होता है एक स्थान से दुसरे स्थान जाना जैसे की आपको अपने दोस्तों के साथ अपने घर से कही घुमने या कही पार्क में टहलने जाना हो उन दोनों जगह पर एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाना ही navigation कहलाता है

3. Timing –

timing का मतलब होता है किसी भी एक स्थान से दुसरे स्थान में जाने में कितना वक़्त लगता है ये जगह की दुरी के हिसाब से वक़्त बताता है जितनी दुरी होती है उतना ही ज्यादा वक़्त लगता है timing का काम यही होता है वोह accurate वक़्त बताये उसमे कुछ भी गलती न करे.

4. Tracking –

tracking इस तरह से काम करता है ये monitoring करता है जब भी हम अपनी जगह बदलते है उसको मतलब की जब भी हम पैदल चल रहे हो या गाडी में चल रहे हो तब हमारी location बार बार बदलती रहती है ये इसे एक ही सेकंड में समझ लेता है और हमारी position change बता देता है हम जो भी movement करते है ये एक second में ही पता लगा देता है यही इसका कार्य होता है

5. Mapping –

Mapping का कार्य होता है पूरा map बनाना और वो भी हर स्थान का जैसे की हम किसी रस्ते में जाते है उसका map किसी restaurent हमे जाना है तो उसका map ये पूरा map अपने में स्टोर रखता है और हम जिस तरह इसको उपयोग करके पहुचना चाहते है ये हमारा काम करता है

जीपीएस आज के समय में बहुत ही उपयोगी चीज़ है ये हमारे हर काम को आसान कर देती है हम इसकी सहायता से आसानी से एक स्थान से दुसरे स्थान पर पहुच सकते है ये हमे accurate टाइम और position बताता है जिससे हम आसानी से अपनी दुरी तय कर सकते है

जीपीएस का क्या उपयोग है ?

Emergency Work – emergency का मतलब है जब कभी कोई अचानक आपदा या विपदा आ जाती है उसके बारे में जानने और उसके बारे में पूर्वानुमान लगाने के लिए और mapping करने के लिए भी इसका उपयोग होता है और पहले से predicting के लिए भी इसका उपयोग होता है ताकि safety राखी जा सके.

Entertainment Work – जीपीएस का इस्तेमाल काफी entertaining के लिए भी किया जाता है जैसे games और चैनल्स में भी किया जाता है

Health और Fitness Technology Work में – जीपीएस का उपयोग हेल्थ से related चीजों में भी होता है Fitness Machine जिसमे gym या घर पर ही मशीन का उपयोग कर उसपर run करते है तो जीपीएस के द्वारा उसमे आप कितने दोड़े हो वोह बताता है और आज कल smartwatches आ गयी है जो हाथ पर पहन कर आप दोडते है तो वोह बता देता है आपने कितनी दुरी तय की है.

Work of Construction – जीपीएस construction sites पर बहुत काम आता है equipments की तरह जिससे की measuring की जा सके और भी बहुत से कामो में location decision में भी इसका उपयोग होता है

जीपीएस का उपयोग ऐसे तो और भी बहुत जगह होता है जैसे transportation में ड्राईवर की safety के लिए और easily अपने destination तक पहुचने में भी इसका उपयोग किया जाता है और इसका उपयोग army में airforce में कृषि में और भी बहुत सी जगह गाडियों के अन्दर बहुत सी service वर्क में जीपीएस बहुत ही उपयोगी चीज़ है ये हमारे हर जगह काम आती है और हमारे हर काम को आसान कर लेती है

भविष्य क्या होगा जीपीएस का ?

Gps Full form

जीपीएस क्या है और इसका भविष्य क्या होगा ये बहुत ही दिलचस्प सवाल और जवाब दोनों होगा क्यूंकि हर कोई जानना चाहता है जीपीएस आने वाले वक़्त में हमारे कितना काम आएगा और क्या नया आएगा जीपीएस में हम जानते है की जिस तरह दुनिया इतनी आगे बड रही है उसी के साथ ही technology भी उतनी ही आगे बढती जा रही है ये कहना भी सही नहीं होगा की जीपीएस में अभी और updates और नया लाने की जरुरत है पर इस बढती हुई technology को देखते हुए आगे आने वाले वक़्त में जीपीएस में updates और नए features की जरुरत होगी और साथ में इसकी मांग भी होगी.

technology को देखते हुए हमे जरुरत है GPS technology को भी आगे बढाया जाए और इसमें नए features लाये जाये ताकि इसका उपयोग और ज्यादा हो और ज्यादा आसान हो जाये हमारे लिए इसका उपयोग करना जिस तरह border पर युद्ध होते रहेते है उसको देखते हुए जीपीएस पर और features की मांग होगी जिससे military के लिए और आसान हो जाये दुश्मन का easily location पता लगाने का और target करने का .

अगर आप पता करेंगे तो पायेंगे की जीपीएस में अभी भी नए features की बहुत आवश्यकता है जिससे military और आम लोग दोनों का सारा काम आसान हो जाये और अधिक से अधिक उपयोग में लिया जाए जीपीएस को

आज हमने क्या जाना ?

आज आपके साथ मेने जीपीएस क्या है और इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी share दी है मेरी पूरी यही कोशिश रही है की में अधिक से अधिक आपके साथ पूरी information दे सकूँ जीपीएस के बारे में इसका उपयोग इसकी Full Form और ये किस तरह काम करता है इस पोस्ट में सब कुछ details के साथ बताया गया है

मुझे आशा है की आपको मेरा ये लेख पसंद आया होगा मेने पूरी कोशिश की है आपको जीपीएस के बारे में सब बता दिया जाये ताकि आपको दूसरी sites या youtube देखने की जरुरत नहीं पड़े आप इसी जगह जीपीएस के बारे में सब कुछ जान जाये

मुझे उम्मीद है आपको ये article पसंद आएगा और इस लेख के द्वारा आपको सारी information मिल गयी होगी और यदि आपको पसंद आया हो तो कृपया इस पोस्ट को अधिक से अधिक social media पर share करे जैसे Facebook, Whatsapp, Twitter इत्यादी पर

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